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अटल उत्कृष्ट विद्यालय में चतुर्थ श्रेणी का भी काम करने को मजबूर प्रधानाचार्य

09:36 AM Nov 10, 2023 IST | CNE DESK
अटल उत्कृष्ट विद्यालय में चतुर्थ श्रेणी का भी काम करने को मजबूर प्रधानाचार्य
अटल उत्कृष्ट राइंका ढोकाने
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📌 अटल उत्कृष्ट राइंका ढोकाने में एक अदद चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी नहीं

👉 घंटी बजाने से साफ—सफाई की व्यवस्था भी प्रधानाचार्य के जिम्मे

संवाददाता अनूप सिंह जीना की रिपोर्ट

पर्वतीय क्षेत्रों में स्थित विद्यालयों में अध्यनरत विद्यार्थियों की शैक्षिक उन्नति व चौरफा विकास के लिए सरकार ने अटल उत्कृष्ट विद्यालयों का संचालन किया है। बावजूद इसके, बहुत से विद्यालय शिक्षकों व अन्य स्टॉफ की कमी से जूझ रहे हैं। अटल उत्कृष्ट का दर्जा प्राप्त राजकीय इंटर कॉलेज ढोकाने भी चतुर्थ श्रेणी स्टॉफ की कमी से जूझ रहा है। यहां तक कि वर्तमान में स्कूल की घंटी बजाने तक का काम प्रधानाचार्य व शिक्षकों को करना पड़ रहा है।

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उत्तर प्रदेश शासन काल में हुई थी स्थापना

उल्लेखनीय है कि अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज ढोकाने की स्थापना वर्ष 1975 में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा की गई थी। इसकी स्थापना से पूर्व स्थानीय क्षेत्र के कुछ प्रतिष्ठित लोग अपने प्रयास से इस शैक्षणिक संस्था का संचालन करते आ रहे थे। जिला नैनीताल के रामगढ़ ब्लॉक में अवस्थित यह विद्यालय सुयालबाड़ी का निकटवर्ती है।

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एकमात्र चतुर्थ श्रेणी अस्पताल भर्ती, व्यवस्थाएं राम भरोसे !

आदर्श विद्यालय का दर्जा प्राप्त होने के चलते यहां ​कार्यरत प्रधानाचार्य व समस्त शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों की शैक्षिक व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाता है। किंतु वर्तमान में विद्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के सृजित 05 पदों में महज एक ही नियुक्त है। वह भी गत दिनों हार्ट अटैक आने के बाद से बरेली के राममूर्ति अस्पताल भर्ती है।

कोई चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी वर्तमान में विद्यालय में उपलब्ध नहीं है। जिस कारण साफ—सफाई से लेकर स्कूल की घंटी बजाने तक का काम प्रधानाचार्य व अन्य शिक्षकों को करना पड़ता है।

कई बार पत्राचार किया, लेकिन सुनवाई नहीं : छिमवाल

अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कालेज ढोकाने में शिक्षक अभिभावक संघ के अ​ध्यक्ष मोहन सिंह छिमवाल द्वारा बताया गया कि यहां पर चतुर्थ श्रेणी का कोई भी कर्मचारी नहीं है। इयहां कार्यरत कार्मिक को गत दिनों दिल का दौरा पड़ा था। तब से बरेली अस्पताल भर्ती है। यहां तक कि प्रधानाचार्य व स्कूल के शिक्षक स्वयं ही घंटी बजा रहे हैं। समस्या को लेकर कई बार पत्राचार किया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

अलबत्ता सोचनीय पहलू यह है कि जब यह दशा क्षेत्र के एक प्रतिष्ठित अटल उत्कृष्ट विद्यालय की है तो अन्य विद्यालयों की कितनी सुध ली जाती होगी। यह स्वयं समझा जा सकता है।

जहां कमी है वहां भेजे जा रहे शिक्षक—कार्मिक : सीईओ

वहीं मुख्य शिक्षा अधिकरी नैनीताल का कहना है कि जहां कहीं भी रिक्त पद है वहां शिक्षक—कार्मिकों को भेजा जा रहा है। जनपद के विद्यालयों में जहां भी ​पद रिक्त हैं उस पर ध्यान दिया जा रहा है।

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