अल्मोड़ा—जनता के दुख—दर्द से सरकार को सरोकार नहीं: प्रकाश चंद्र जोशी
✍️ जिला विकास प्राधिकरण के खिलाफ धरना, सरकार के खिलाफ नारेबाजी
सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: जिला विकास प्राधिकरण को समाप्त करने की मांग को लेकर सर्वदलीय संघर्ष समिति के बैनर तले यहां गांधी पार्क में प्रत्येक मंगलवार की तरह आज भी धरना देते हुए अनसुनी को लेकर आक्रोश व्यक्त किया गया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार को पहाड़ की जनता के दुख—दर्द से कोई सरोकार नहीं है। इसीलिए डीडीए के खिलाफ सालों से चल रहे आंदोलन की अनसुनी हो रही है।
समिति के संयोजक एवं निवर्तमान पालिकाध्यक्ष प्रकाश चन्द्र जोशी ने कहा कि जनता इस जनविरोधी प्राधिकरण के कारण बेहद परेशान हो चुकी है, किंतु राज्य सरकार प्राधिकरण को समाप्त करने की मांग को अनसुना कर रही है।उन्होंने कहा कि बड़े दुर्भाग्य की बात है कि विगत कई सालों से समिति के बैनर तले लगातार प्राधिकरण को समाप्त करने के लिए आन्दोलन संचालित है, लेकिन इस आंदोलन की अनसुरी से प्रतीत होता है कि प्रदेश सरकार को जनता की परेशानियों से कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को बिना समय गवाये जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण को समाप्त कर देना चाहिए। यदि प्रदेश सरकार के द्वारा इस प्राधिकरण को समाप्त नहीं किया गया, आंदोलन की धार तेज करना मजबूरी हो जाएगी।
इस मौके पर अन्य वक्ताओं ने कहा कि भाजपा सरकार को जनसमस्याओं से कोई भी सरोकार नहीं है। आज पहाड़ में डीडीए के प्रतिबंधों के कारण लोग खून पसीने की कमाई से खरीदी जमीन पर अपना भवन निर्माण नहीं कर पा रहे हैं। जो निर्माण कार्य हो भी रहे हैं, उसके लिए भारी भरकम शुल्क अदा करना पड़ रहा है, जो पहाड़ के परिप्रेक्ष्य में कतई अव्यवहारिक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को तुरन्त जनहित में जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण को समाप्त कर भवन निर्माण सम्बन्धी समस्त अधिकार नगरपालिकाओं को देने चाहिए। धरने में समिति के संयोजक प्रकाश चन्द्र जोशी समेत हेम चंद्र तिवारी, शरद चंद्र साह, ललित मोहन पंत, प्रतेश कुमार पाण्डेय, भारत रत्न पाण्डेय, रोबिन मनोज भंडारी, आनंद सिंह बगडवाल, महेश चंद्र आर्या आदि शामिल रहे।